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क्या दर्शाते हैं 12 राशियों के 12 प्रतीक चिह्न

रविवार,जनवरी 19, 2020
12 zodiac sign
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बुधादित्य योग यदि लग्न में हो तो बालक का कद माता-पिता के बीच का होता है। यदि वृष, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, कुंभ, राशि लग्न में हो तो लंबा कद होता है। जातक का स्वभाव कठोर तथा वात-पित्त-कफ से पीड़ित होता है।
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ज्योतिष एक वृहद शा स्त्र है। कोई भी पंडित पूर्ण ज्ञानी नहीं है फिर भी कुछ बातें शास्त्रों में ऐसी मिलती है जो हमें चौंका सकती है। हम लाए हैं सिर्फ 4 जरूरी बातें आपके लिए...
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आज से 50-60 वर्ष पूर्व जब बाल विवाह का रिवाज था, तब विवाह समय बताने का एक बड़ा सरल तरीका गांव-शहर के पंडित काम में लाते थे। वे कुंडली की सप्तम भाव की राशि संख्या में 8 जोड़ देते और विवाह का वर्ष भी बता देते।
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चंद्रमा सोमवार, सुख स्थान और माता का कारक होता है। यह मन की संकल्प-विकल्पमूलक कल्पनाशक्ति का परिचायक होता है। शारीरिक स्थित‍ि में यह जल ग्रह होने के कारण न्यूमोनिया तथा कफजनित रोग सर्दी-जुकाम आदि का सूचक रहता है।
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हिन्दू कैलेंडर के अनुसार माघ कृष्ण एकादशी तिथि को षटतिला एकादशी व्रत किया जाता है। इस दिन श्रीहरि विष्णु और श्री कृष्ण की आराधना करने का विशेष महत्व है।
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प्राचीन काल में मृत्युलोक में एक ब्राह्मणी रहती थी। वह सदैव व्रत किया करती थी। एक समय वह एक मास तक व्रत करती रही। इससे उसका शरीर अत्यंत दुर्बल हो गया।
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धार्मिक शास्त्रों के अनुसार 20 जनवरी, सोमवार को षटतिला एकादशी है। इस दिन काले तिल से भगवान विष्णु की पूजा करने का अधिक मह‍त्व है। जीवन में हमें कई बार ग्रह, भूत या देव बाधा का सामना करना पड़ता है।
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मंगल यद्यपि पापी ग्रह है। जहां एक ओर हानि करता है, वहीं राजयोग भी फलित करता है। जैसे यदि मंगल चतुर्थ भाव में हो तो जातक को गृह, माता एवं पत्नी के सुख से वंचित कर देगा, किंतु जातक को उच्च स्तर का राज कर्मचारी, संपन्न और पिता की छत्रछाया में रहने वाला ...
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20 जनवरी 2020, सोमवार को षटतिला एकादशी आ रही है। यह व्रत भगवान श्रीहरि विष्‍णु की पूजा का व्रत है। माघ मास की कृष्‍ण पक्ष की एकादशी को यह व्रत किया जाता है।
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सरस्वती का उल्लेख वैदिक साहित्य में एक नदी और एक देवी दोनों रूपों में आता है। बंगाल में विशेष रूप से सरस्वती को पूज्य माना जाता है।
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अत: इस दिन को मां सरस्वती के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, इसलिए मां सरस्वती की पूजा-अर्चना, वंदना की जाती है। इस वर्ष वसंत पंचमी 29 जनवरी 2020, बुधवार को तो
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तिजोरी के कमरे का सर्वोत्तम रंग पीला है। इससे धन वृद्धि होती है। उत्तर दिशा का प्रमुख देवता कुबेर है। बुधवार को सुबह या शाम तिजोरी की पूजा अवश्य करनी चाहिए।
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दान के पीछे यही धारणा होती है कि अशुभ फल देने वाले ग्रहों से संबंधित वस्तु को बांट दिया जाए तो उसकी अशुभता कम हो जाती है। परंतु अनजाने में ही यदि शुभ फलदायी ग्रहों से संबंधित वस्तु को दान या उपहारस्वरूप बांट दिया जाए तो उसके शुभत्व में न्यूनता आ ...
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शनि एक अच्‍छा ग्रह है। यदि इसके स्वभाव के अनुरूप कार्य होगा तो शनि के दुष्प्रभाव का किंचित मात्र भी असर नहीं होगा। रवि और गुरु द्वारा शनि पराजित होता है।
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अभी फ़ोन रखा गया। दिल में अब भी कई बातें हैं। कई बातें सिर्फ कहने की होती हैं, दिलों पर उनका वजूद कुछ भी नहीं होता। अच्छा, मैं तुम्हें फ़ोन करता हूं
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मां शारदा सुख, संपत्ति, विद्या, बुद्धि, यश, कीर्ति, पराक्रम, प्रतिभा और विलक्षण वाणी का आशीष प्रदान करती है। प्रस्तुत है आपकी राशि के अनुसार सरस्वती मंत्र-
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अगर आप मां सरस्वती के मंत्र और श्लोक नहीं जानते हैं तो वसंत पंचमी के दिन इन 11 नामों को 11 बार जपें। यश, विद्या, पराक्रम और बुद्धि के लिए बस यही 11 नाम पर्याप्त हैं। ये नाम असंभव को संभव बना देते हैं।
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वाणी, लेखनी, प्रेम, सौभाग्य, विद्या, कला, सृजन, संगीत और समस्त ऐश्वर्य को प्रदान करने वाली देवी मां सरस्वती से शुभ आशीष प्राप्त करने का दिन है वसंत (बसंत) पंचमी। मां शारदा के पूजन की सरलतम विधि है...
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वसंत पंचमी का शुभ और मंगलकारी पर्व इस बार दो दिन आ रहा है। 29 और 30 जनवरी को सरस्वती देवी की पूजा अर्चना की जाएगी। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि में इस वर्ष 3 ग्रहों का स्वराशि योग निर्मित हो रहा है। मंगल वृश्चिक राशि पर, गुरु धन में और शनि ...
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