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वेलेंटाइन से पहले वसंत है प्रेम की ऋतु

बुधवार,जनवरी 29, 2020
vasant panchami 2020
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महात्मा गांधी को प्रिय 'वैष्णव जन तो तेने कहिए' यह भजन 15वीं शताब्दी के गुजरात के संत कवि नरसी मेहता द्वारा रचित एक अत्यंत लोकप्रिय भजन है।
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मंगलवार को 'लाभ मंडपम' में आयोजित संगीत सभा Indore Music Festival में ज्यादातर युवा श्रोता उस्ताद राशिद खान को उनके लाइट मूड को सुनने के लिए आए होंगे, लेकिन उन्हें क्या पता था उस्ताद गला साफ़ करने में भी मज़ा दे जाते हैं।
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राशिद खान क्रिकेट के दीवाने थे, अगर संगीत की तरफ उनका रुझान नहीं होता तो बहुत हद तक संभव है कि हम उनकी ठुमरी और ख्‍याल सुनने के बाजाए आज उन्‍हें क्रिकेट के मैदान में पसीना बहाते देख रहे होते।
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26 जनवरी का हो-हल्ला बीत गया। छोटी-बड़ी परेड, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, झंडा वंदन, भाषणबाजी, देशभक्ति पूर्ण गीत, नृत्य के साथ 71 वां गणतंत्र दिवस संपन्न हुआ। जीवन पूर्ववत् चल रहा था और अब भी चलेगा। लेकिन ये सब तो बाहरी तामझाम हैं, भीतर से हम गणतंत्र ...
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गाओ सखी होकर मगन आया है वसंत राजा है ये ऋतुओं का आनंद है अनंत। पीत सोन वस्त्रों से सजी है आज धरती आंचल में अपने सौंधी-सौंधी गंध भरती।
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चयन प्रक्रिया में स्‍वतंत्र है या वो किसी तरह के दबाव में काम करती है? या क्‍या ऐसे सम्‍मानजनक पुरस्‍कारों का अब राजनीतिकरण होने लगा है?
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अमेरिका एवं ईरान दोनों से हमारे रिश्ते गहरे हैं। हमारे ही नहीं हैं, दुनिया के अनेक देशों के इनसे रिश्ते हैं। इनके टकराव से दुनिया भर प्रभावित होगी और हम भी होंगे। हमारे लिए अलग से कोई असर नहीं होना है।
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हर जगह पॉलिटिक्‍स इस कदर हॉट और हावी हो गई है कि अब वो रिश्‍तों को ठंडा करने लगी है।
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26 जनवरी को ही हमारे गणतंत्र का जन्म हुआ और भारत देश एक गणतांत्रिक देश बना। हमारे देश को आजादी तो 15 अगस्त 1947 को ही मिल गई थी, लेकिन 26 जनवरी 1950 को भारत एक स्वतंत्र गणराज्य बना और भारत देश में नए संविधान के जरिए कानून का राज स्थापित हुआ
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अखण्डता शब्द का औचित्य बनता है ,किन्तु ‘पंथनिरपेक्ष’ और ‘समाजवादी’ शब्द क्यों और किस विवशता में जोड़े गए?
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71 साल के फोक सिंगर और सॉन्‍ग राइटर डेविड ओल्‍ने की पिछले शनिवार को मौत हो गई। वो शनिवार को फ्लोरिडा के सांता रोसा बीच पर 30ए सॉन्‍ग राइटर्स फेस्‍टिवल में परफॉर्म कर रहा था।
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Girl Child Day : 'बेटी' युग का नया दौर

शुक्रवार,जनवरी 24, 2020
बेटी युग में खुशी-खुशी है, पर मेहनत के साथ बसी है। शुद्ध कर्म-निष्ठा का संगम, सबके मन में दिव्य हंसी है।
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राष्ट्रीय मतदाता दिवस भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए अहम है। भारत में हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है।
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जिस दिन से घर में आती हैं बेटियां, माता-पिता की इज्जत बन जाती हैं बेटियां। भारत के विकास की डोर थामे हैं बेटियां,
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सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता इंदिरा जयसिंह ने निर्भया की मां आशा देवी से उनकी बेटी के बलात्कार के दोषियों को क्षमा कर देने की अपील कर भारतवर्ष की समस्त संवेदनशील नारियों को आहत किया है।
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बापू और हरिलाल दोनों अपनी जगह अच्छे थे, सच्चे थे, सही थे लेकिन परिस्थितियों के दंश ने एक सुयोग्य पुत्र को कंटीली राह पर धकेल दिया। जीवनभर पिता के प्रति पलते आक्रोश ने हरिलाल को पतन की राह पर धकेल दिया। जब सारा विश्व बापू को सम्मान के साथ अंतिम विदाई ...
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जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 23 से 27 जनवरी तक जयपुर के डिग्गी पैलेस होटल में आयोजित हो रहा है।
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गणतंत्र के इतने वर्षों में, क्या खोया क्या पाया है....खोने की तो फिक्र नहीं, पाने की चाह सब रखते हैं...सदियों के तप के बाद मिली, आज़ादी की नेमत हमको..
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आइए सुनते हैं प्रज्ञा पाठक की संवेदनशील कहानी 'दहेज'.... पिता की इकलौती बेटी से शादी के समय अचानक दामाद दहेज मांग लेता है... फिर क्या होता है सुनिए इस कहानी में...
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