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Gupta Navratri katha : आपने नहीं पढ़ी होगी गुप्त नवरात्रि की यह पवित्र पौराणिक कथा

शनिवार,जनवरी 25, 2020
Gupt Navratri 2020
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रविवार सूर्य देवता की पूजा का वार है। जीवन में सुख-समृद्धि, धन-संपत्ति और शत्रुओं से सुरक्षा के लिए रविवार का व्रत सर्वश्रेष्ठ है। रविवार का व्रत करने व कथा सुनने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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प्रयागराज। आस्था, विश्वास और संस्कृतियों के संगम में तीर्थराज प्रयाग के माघ मेला के तीसरे सबसे बड़े स्नान पर्व 'मौनी अमावस्या' पर शुक्रवार शाम 6 बजे तक 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा, श्यामल यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी में ...
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शनि की कुदृष्टि से बचने के लिए शनिवार का व्रत करते हुए शनि देवता की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। वैसे तो शनिवार का व्रत कभी भी शुरू किया जा सकता है,
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जो स्त्री-पुरुष शुक्रवार को संतोषी माता का व्रत करते हैं, उनके लिए व्रत-विधि इस प्रकार है
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कांचीपुरी में एक ब्राह्मण देवस्वामी तथा उसकी पत्नी धनवती रहती थी। उनके सात पुत्र तथा गुणवती नाम की पुत्री थी।
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गुरुवार व्रत अत्यंत फलदायी है। गुरुवार को व्रत-उपवास करके यह कथा पढ़ने से बृहस्पति देवता प्रसन्न होते हैं। अनुराधा नक्षत्र युक्त गुरुवार से व्रत आरंभ करके 7 गुरुवार उपवास करने से बृहस्पति ग्रह की हर
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पौराणिक मान्यता के अनुसार बुधवार व्रत की शुरुआत विशाखा नक्षत्रयुक्त बुधवार से करना चाहिए। इस व्रत को विधिपूर्वक करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख-शांति मिलती है और घर धन-धान्य से भरा रहता हैं।
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प्राचीन काल में तो बहुत सारे धर्म हुआ करते थे लेकिन ईसाई और इस्लाम धर्म के उदय के बाद हजारों धर्म लुप्त हो गए। दूसरी ओर कट्टरपंथी देशों में बहुत से धर्मों का अस्तित्व मिट गया है और कुछ जो बचे हैं उनका अस्तित्व संकट में है। फिर भी एक अनुमानित आंकड़ों ...
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18 सिद्धों में से एक बोगर एक तमिल सिद्धार थे जो 550 से 300 ईसा पूर्व के बीच हुए थे। बोगर ने एक किताब 'बोगर 7000' लिखी है। बोगर 7000 में 7000 गाने हैं, और इसमें सिद्ध चिकित्सा के बारे में विवरण है।
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शुक्राचार्य का नाम तो सभी ने सुना होगा। वे दैत्य अर्थात असुरों के गुरु थे। उनकी ख्‍याति दूर-दूर तक फैली थी। आओ जानते हैं उनके बारे में 10 रोचक जानकारी।
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रामानंद अर्थात रामानंदाचार्य वैष्णव भक्तिधारा के महान संत हैं। उन्होंने उत्तर भारत में वैष्णव सम्प्रदाय को पुनर्गठित किया तथा वैष्णव साधुओं को उनका आत्मसम्मान दिलाया।
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जम्मू। त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित वैष्णोदेवी मंदिर की पुरानी और प्राकृतिक गुफा श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बुधवार से खोल दी गई।
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अंडाल एक महिला महान अलवर संत एवं कवि है। वह 12 अलवर संतों में से एक मात्र महिला संत है। जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भगवान विष्णु की भक्ति के लिए समर्पित कर दिया था। माना जाता है कि उनका जन्म 7 वीं शताब्दी ईस्वी के दौरान श्रीविल्लिपुथुर में हुआ था।
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पंपापुर से हनुमानजी को बुलवाया गया था, तब हनुमानजी बालरूप में थे। जब वे आए, तब 'मकर संक्रांति' का पर्व था। श्रीराम भाइयों और मित्र मंडली के साथ वे पतंग उड़ाने लगे। कहा गया है कि वह पतंग उड़ते हुए देवलोक तक जा पहुंची।
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मकर संक्रांति पर पुष्टि संप्रदाय में ठाकुरजी के सन्मुख संध्या आरती एवं सेन दर्शन में पतंग उड़ाने के पद गाए जाते हैं।
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मध्यप्रदेश के मुरैना शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर चंबल के जंगलों में 200 विशालकाय मंदिरों को एकसाथ देखकर अद्भुत ही लगता है। भारतवर्ष में संभवतः कहीं भी अन्यत्र इतने मंदिर एक साथ नहीं दिखते हैं। इनमें से अधिकतर मंदिर अब खंडहर में बदल गए हैं। ...
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स्वामी विवेकादंन के बारे में भारत के युवा कितना जानते हैं? शायद बहुत कम या शायद बहुत ज्यादा? आओ जानते हैं 8 पॉइंट में उनके बारे में कुछ खास।
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स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी सन्‌ 1863 को कोलकाता में हुआ। उनका घर का नाम नरेंद्र दत्त था। उन्होंने देश और विदेश में वेदांत और सच्चे मार्ग का प्रसार प्रसार किया। मात्र 39 वर्ष की उम्र में 4 जुलाई 1902 को उनका निधन हो गया। आओ जानते हैं उनके ...
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महर्षि महेश योगी का जन्म 12 जनवरी 1918 को छत्तीसगढ़ के राजिम शहर के पास ही स्थित पांडुका गांव में हुआ। प्रत्येक वर्ष जनवरी माह की 12 तारीख को महर्षि योगी जयंती के रूप में मनाया जाता है।
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