0

महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव से करें विशेष प्रार्थना, शिव जी पूजन नहीं मन देखते हैं

सोमवार,फ़रवरी 17, 2020
maha shivratri 2020
0
1
शिवरात्रि पर्व पर अलग-अलग राशि के लोगों के लिए विशेष पूजन के प्रकार का प्रावधान है। भगवान शिव यूं तो मात्र जल और बिल्वपत्र से प्रसन्न हो जाते हैं लेकिन उनका पूजन अगर अपनी राशि के अनुसार किया जाए तो अतिशीघ्र फल की प्राप्ति होती है।
1
2
महाशिवरात्रि शिव जी को अत्यंत प्रिय है। आइए जानते हैं किस प्रकार की मनोकामना के लिए शिव शंकर का किस द्रव्य से पूजन करना चाहिए। सभी अभिषेक द्रव्य का फल अलग-अलग है।
2
3
महाशिवरात्रि पर भक्त गण क्या-क्या नहीं करते भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए... पुराणों में वर्णित है कि अलग-अलग सामग्री से तैयार शिवलिंग प्रतिमा से अलग-अलग मनोकामना की पूर्ति होती है।
3
4
पौराणिक शास्त्रों में प्रदोष व्रत की बड़ी महिमा है। इस दिन भगवान शिव जी की विधिपूर्वक आराधना करने से सभी संकटों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। आइए जानें कैसे करें पूजन :-
4
4
5
व्रतों में प्रमुख व्रत होते हैं नवरात्रि के, पूर्णिमा के, अमावस्या के, प्रदोष के और एकादशी के। इसमें भी सबसे बड़ा जो व्रत है वह एकादशी का है। माह में दो एकादशी होती है। अर्थात आपको माह में बस दो बार और वर्ष के 365 दिन में मात्र 24 बार ही नियम पूर्वक ...
5
6
समाज-सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म मोरबी के पास काठियावाड़ क्षेत्र जिला राजकोट, गुजरात में 12 फरवरी सन् 1824 में हुआ। तिथि के अनुसार फल्गुन मास की कृष्ण दशमी के दिन उनका जन्म हुआ था। मूल नक्षत्र में जन्म होने के कारण उनका नाम मूलशंकर रखा गया ...
6
7
19 फरवरी 2020, फाल्गुन कृष्ण एकादशी के दिन विजया एकादशी मनाई जा रही है। इस दिन व्रत-उपवास रखकर और रात्रि जागरण करके श्रीहरि विष्णुजी का पूजन-अर्चन तथा ध्यान करना चाहिए। यह विजया एकादशी 10 दिशाओं से विजय दिलाती है...आइए पढ़ें एकादशी का महात्म्य, पूजा ...
7
8
ॐ नम: शिवाय। माता सती और पार्वती के पति भगवान शंकर कब हुए थे। कितने हजार वर्ष पूर्व हुए थे और क्या है उनके पौराणिक एवं पुरातात्विक प्रमाण? आओ जानते हैं इस संबंध में कुछ खास।
8
8
9
भगवान शिव की उपासना का समय शाम संध्याकाल, धरधरी का समय और प्रदोष काल है। भगवान शिव का दिन सोमवार है और तिथि त्रयोदशी है। हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि कहते हैं। मतलब यह कि वर्ष में 12 शिवरात्रि होती है। फाल्गुन मास की कृष्ण ...
9
10
महाशिवरात्रि का दिन ऐसा होता है जब प्रकृति व्यक्ति को उसके आध्यात्मिक शिखर की ओर ढकेल रही होती है। इसका उपयोग करने के लिए इस परंपरा में हमने एक खास त्योहार बनाया है जो पूरी रात मनाया जाता है। पूरी रात मनाए जाने वाले इस त्योहार का मूल मकसद यह निश्चित ...
10
11
भगवान शिव जिन्हें शंकर और महादेव कहा क्या है उनके कई नाम है। हिन्दू धर्म के प्रारंभ और केंद्र में वे ही हैं। उनका एक नाम आदिश है। इस आदिश से ही आदेश शब्द की उत्पत्ति मानी जाती है। जितने भी शैव और नाथ संप्रदाय के लोग हैं जब वे मिलते हैं तो एक दूसरे ...
11
12
कुंभ संक्रांति में शनि उपासना से जीवन में सौभाग्य, दौलत, सफलता और सम्मान प्राप्त होता है। शास्त्रों में कुंभ संक्रांति में मनोरथ सिद्धि व कष्ट-पीड़ाओं से मुक्ति के लिए शनि मंत्रों से उपासना बहुत ही मंगलकारी बताई गई है। प्रचुर धन प्राप्ति के लिए नीचे ...
12
13
23 फरवरी के दिन धन की देवी मां लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए शाम के समय घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं। बत्ती में रूई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें। प्रस्तु‍त हैं फाल्गुन अमावस्या के 2 सरल उपाय...
13
14
साल में 12 अमावस्या होती हैं। इस दिन 108 बार तुलसी की परिक्रमा करने से मन को शांति की अनुभूति होती है। जो लोग आध्यात्मिक मार्ग पर बढ़ना चाहते हैं उनके लिए भी यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। आइए जानें साल भर की 12 अमावस कब कब आ रही हैं...
14
15
कभी आपने सोचा कि शिव प्रतीकों के पीछे का रहस्य क्या है? शिव की वेशभूषा ऐसी है कि प्रत्येक धर्म के लोग उनमें अपने प्रतीक ढूंढ सकते हैं। आओ जानते हैं शिव प्रतीकों के रहस्य...
15
16
ग्यारस अर्थात ग्यारह तिथि को एकादशी और तेरस या त्रयोदशी तिथि को प्रदोष कहा जाता है। प्रत्येक शुक्ल और कृष्ण पक्ष में यह दोनों ही तिथियां दो बार आती है। हिन्दू धर्म में एकादशी को विष्णु से तो प्रदोष को शिव से जोड़ा गया है।
16
17
दोष-व्रत को श्रद्धा व भक्तिपूर्वक करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। आज हम वेबदुनिया के पाठकों को प्रदोष-व्रत की पूर्ण जानकारी देंगे।
17
18
यह अमावस्या सुख, संपत्ति और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए विशेष फलदायी है। जीवन में सुख और शांति के लिए फाल्गुन अमावस्या का व्रत रखा जाता है।
18
19
क्या आपका जन्म महाशिवरात्रि के दिन हुआ है? महाशिवरात्रि को जन्म लेने वाले बच्चे बहुत ही दयालु और दानी होते हैं। यह बच्चे जीवन में खूब यश और प्रतिष्ठा की प्राप्ति करते हैं।
19