Term Plan : परिवार की फाइनेंशियल सिक्योरिटी का वादा, जानिए 10 खास बातें

वेबदुनिया न्यूज डेस्क| पुनः संशोधित बुधवार, 18 सितम्बर 2019 (18:30 IST)
जीवन बीमा निवेश का परंपरागत माध्यम माना जाता है। अधिकांश लोगों के पास कोई ना कोई जीवन बीमा जरूर होता है। इसके तहत हमारे पास कई विकल्प मौजूद है। इनमें एंडोमेंट प्लान, मनी बैक प्लान, यूलिप प्लान, आदि।

अगर आप अपने परिवार के एकमात्र अर्निंग मेंबर हैं तो आपके और आपके परिवार के लिए वरदान साबित हो सकता है। life Insurance की दुनिया में यह एक ऐसा प्लान होता है जो आपको फाइनेंशियल सिक्योरिटी प्रदान करता है। आइए जानते टर्म प्लान से जुड़ी 10 खास बातें...

परिवार को पर्याप्त वित्तीय सुरक्षा : टर्म प्लान का मूल उद्देश्य बीमा कवर प्रदान करना होता है एवं इस प्लान में प्रीमियम का संपूर्ण हिस्सा बीमा कवर में जाता है जिससे काफी कम प्रीमियम में पर्याप्त बीमा कवर प्राप्त किया जा सकता है। अतः परिवार को पर्याप्त वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की दृष्टि से टर्म प्लान लिया जाना चाहिए।
पूरा पैसा बीमा कवर में : जीवन बीमा के एंडोमेंट प्लान, मनी बैक प्लान, यूलिप प्लान आदि में प्रीमियम का अधिकतम हिस्सा निवेश में जाता है, जिससे बीमा कवर बहुत ही कम मिल पाता है जबकि टर्म प्लान में पूरा पैसा बीमा कवर में ही जाता है।

कम खर्च में ज्यादा सुरक्षा: Term plan आपको कम खर्च में ज्यादा सुरक्षा प्रदान करता है। अगर आप 40 साल की उम्र में 50 लाख का बीमा लेना चाहते हैं तो इस पर आपको लगभग 8500 से 10000 रुपए प्रतिवर्ष का खर्च आएगा।
किसे लेना चाहिए टर्म प्लान : वास्तव में परिवार के उन सभी सदस्यों को टर्म प्लान लेना चाहिए जिनके पर परिवार आर्थिक रूप से निर्भर हो। आपको अपनी सालाना आमदनी का कम से कम 10 गुना बीमा खरीदना चाहिए। टर्म प्लान 10, 15, 20, 25 या 30 साल के लिए लिया जा सकता है।

टर्म प्लान का प्रीमियम : टर्म प्लान का प्रिमियम आपकी उम्र, कवरेज की राशि और पॉलिसी की अवधि पर निर्भर करता है। अगर कोई व्यक्ति अपने करियर के शुरुआती दौर में ही टर्म प्लान ले लेता और उसकी अवधि ज्यादा रखता है तो उसकी प्रीमियम कम आएगी जबकि वह 40 की उम्र में इसे प्लान करता है तो उसे ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।
इस तरह चुनें बेहतर प्लान : टर्म प्लान का चुनाव करते समय अधिकांश लोग केवल न्यूनतम प्रीमियम वाले प्लान पर जोर देते हैं। बेहतर टर्म प्लान का चुनाव करते समय हमें न्यूनतम प्रीमियम के साथ-साथ इंश्योरेंस कंपनी के सालवेंसी रेशो, क्लेम सेटलमेंट, ग्रिवियेन्स हैंडलिंग आदि पर भी ध्यान देना चाहिए।

राइडर्स पर भी दें ध्यान : टर्म प्लान के साथ कई राइडर्स बेचे जाते हैं। इनमें क्रिटिकल इलनेस, प्रीमियम से छूट, एक्सीडेंटल डेथ, परमानेंट या पार्शियल डिसेबिलिटी और इनकम बेनिफिट राइडर जैसे प्रोडक्ट्स शामिल है। इन्हें आप केवल बीमा के साथ ही खरीद सकते हैं।
नॉमिनी की जानकारी जरूर दें : टर्म प्लान लेते समय आपको अपने नॉमिनी की जानकारी जरूर देना चाहिए। इस स्थिति में पैसा उसी व्यक्ति को मिलता है जिसे आपने नॉमिनी नियुक्त किया है। साथ ही अपने परिजनों को भी इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि आपने टर्म प्लान लिया है ताकि जरूरत के समय उन्हें इसका लाभ मिल सके।

लोग क्यों नहीं लेते टर्म प्लान : बाजार में टर्म प्लान के प्रति लोगों में जागरूकता का अभाव। टर्म प्लान में कम प्रीमियम होने की वजह से इसमें एजेंटों को मिलने वाला कमीशन भी काफी कम होता है साथ ही इसमें कोई रिटर्न नहीं मिलता। ऐसे में अधिकांश लोग मानते हैं कि यूलिप अथवा मनी बैक में बीमे के साथ रिटर्न भी मिल जाता है।
मैच्योरिटी पर कोई रकम नहीं मिलती : टर्म प्लान का पूरा पैसा बीमा कवर में ही जाता है अत: इसमें प्लान की मैच्योरिटी पर पॉलिसीधारक को कोई रकम नहीं मिलती है। यही इस प्लान का ड्रा बैक भी है और विशेषता भी।


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