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भाई दूज 2019 : जानिए क्या है भाई दूज, क्यों मनाया जाता है?

मंगलवार,अक्टूबर 29, 2019
bhaiduj
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कार्तिक मास की शुक्ल द्वितीया को भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। यह दीपोत्सव के पांच दिन पर्व का समापन दिवस होता है। यह पर्व 3 कारणों से मनाया जाता है।
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यम द्वितीया को भाई दूज कहते हैं। इसे भाई दूज कहने के पीछे एक कहानी है। भाई दूज दीपावली के 5 दिवसीय महोत्सव का समापन दिवस होता है। रक्षा बंधन में भाई अपनी बहन को अपने घर बुलाता है जबकि भाई दूज पर बहन अपने भाई को अपने घर बुलाती है।
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भाई दूज या भैया दूज का त्योहार भाई और बहन के पवित्र रिश्ते को समर्पित है। ये पर्व भाई टीका, यम द्वितीया, भाई द्वितीया आदि नामों से भी जाना जाता है
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भाई दूज पर्व भाईयों के प्रति बहनों की श्रद्धा और विश्वास का पर्व है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। यह दीपावली के पांच दिनी महोत्सव का अंतिम दिन होता है। भाई दूज को असल में यम द्वितीया कहते हैं। इस दिन यमराज और ...
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भाई दूज पर यमुना माता की आरती उतारी जाती है। यमुना जी की आरती पढ़ने या सुनने मात्र से ही भगवान श्री कृष्ण जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यमुना जी की आरती सच्चे मन से करने से यम का भय खत्म हो जाता है।
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किसी समय वह राजा अपनी सेना लेकर उस वन में, जहां बहुत हिरण आदि जीव रहते थे, शिकार खेलने गया। वहां उसने निरंतर व्रत करते हुए एक ब्राह्मण को देखा। वह ब्राह्मण चित्रगुप्त और यमराजजी का पूजन कर रहा था।
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दीपावली के पांच दिनी महोत्सव का अंतिम दिन होता है भाई दूजा। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया को इस त्योहार को मनाया जाता है। इसीलिए इसे यम द्वितीया भी कहते हैं।
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भाई दूज को असल में यम द्वितीया कहते हैं। इसे यम द्वितीया कहने के पीछे एक कहानी है। पौराणिक कथा के अनुसार इस दिन यमुना अपने भाई भगवान यमराज को अपने घर आमंत्रित करके उन्हें तिलक लगाकर अपने हाथ से स्वादिष्ट भोजन कराती है। जिससे यमराज बहुत प्रसन्न हुए ...
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भाई दूज पर्व भाईयों के प्रति बहनों की श्रद्धा और विश्वास का पर्व है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। यह दीपावली के पांच दिवसीय महोत्सव का अंतिम दिन होता है। इस दिन यमराज और चित्रगुप्त की पूजा होती है। इसी दिन बहन ...
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भाई दूज 2019 में 29 अक्टूबर 2019 को है। भाई दूज शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि, और भाई दूज की कथा को पढ़ने से आप यमराज के भय से मुक्त हो सकते हैं।
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दीपावली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट उत्सव मनाया जाता है। गोवर्धन पूजा क्यों की जाती है और अन्नकूट महोत्सव क्यों मनाया जाता है, जानिए।
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दीपावली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट उत्सव मनाया जाता है। इसे पड़वा भी कहते हैं। उत्तर भारत में इसका प्रचलन है लेकिन दक्षिण भारत में बलि और मार्गपाली पूजा का प्रचलन है। आओ जानते हैं कि यह पूजा क्यों और किस तरह की ...
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पौराणिक कथा अनुसार सूर्य पुत्री यमी अर्थात् यमुना ने अपने भाई यम को कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को अपने घर निमन्त्रित कर अपने हाथों से बना स्वादिष्ट भोजन कराया।
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दीपावली के दूसरे दिन अन्नकूट मनाया जाता है। अन्नकूट का अर्थ है -अन्न का ढेर। आज ही के दिन योगेश्वर भगवान कृष्ण ने इंद्र का मान-मर्दन करते हुए
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दीपावली पांच दिवसीय पर्व है। जिसका प्रमुख पर्व लक्ष्मी पूजन अथवा दीपावली होता है। इस दिन रात्रि को जागरण करके धन की देवी लक्ष्मी माता का पूजन विधिपूर्वक करने की मान्यता है। आइए, जानें इस 5 दिवसीय पर्व के शुभ मुहूर्त...
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दीपावली की कार्तिक कृष्ण अमावस्या-30 के दिन 527 ईसापूर्व जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर को 72 वर्ष की आयु में पावापुरी उद्यान (बिहार) में निर्वाण प्राप्त हुआ था। कहते हैं कि उस दिन मंगलवार था। इसी दिन भगवान महावीर के प्रमुख गणधर गौतम स्वामी ...
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दीपावली पर श्रीराम लंका विजय प्राप्त करके आए थे। दीपावली पर आप श्रीरामजी की स्तुति करते हैं, तो आप भी कष्टों पर विजय प्राप्त कर जीवन के अंधेरे में दीप के प्रकाश जैसा उन्नति व सुखरूपी प्रकाश प्राप्त कर सकते हैं।
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दीपावली के दिन बाजार से मंगलकारी 5 वस्तुएं खरीदकर लाते हैं यदि आप अपने घर में पहले ही ले आए हैं तो उनकी अच्छे से पूजा करने उन्हें फिर से स्थापित करें। आइये जानते हैं कि वे कौनसी पांच वस्तुएं हैं।
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ज्योति पर्व दीपावली पर हमारी मन की शक्ति में शुद्ध-पवित्र विचार आएं एवं इन संकल्प को प्राप्त करने की इच्छाशक्ति हम सभी को मिले। यही शुभकामना है। आइए जानें महालक्ष्मी पूजन के शुभ मुहूर्त
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