Exclusive Interview : कार्तिक मुझे इसलिए पसंद हैं क्योंकि वे खूब हंसाते हैं- अनन्या पांडे

रूना आशीष| पुनः संशोधित गुरुवार, 5 दिसंबर 2019 (14:50 IST)
मेरे रोल तपस्या से मैं बहुत रिलेट कर पाई हूं क्योंकि मेरे साथ इस रोल को ले कर जितने भी वर्कशॉप हुए हैं उसमें मैंने देखा और तपस्या को समझा। वो बहुत ही स्वतंत्र खयालात की है जो मैं भी हूं। वो लोगों के दिल या जज्बातों को समझती है वो लोगों के दुख में दुखी हो जाने वाली है।
मुझे ये बात इस रोल में पसंद आई लेकिन तपस्या बनने के लिए मुझे बहुत मेहनत भी करना पड़ी क्योंकि वो बहुत मैचोर्ड है और मैं एकदम बच्चे जैसी हूं। मेरे चेहरे पर भाव आ जाते हैं। मैं बहुत तेजी से बातें करती जाती हूं लेकिन तपस्या में एक ठहराव है। वो बहुत सोच समझ कर बातें करती है। तपस्या की वजह से मुझे औरत बनने का मौका मिला वर्ना मुझमें बहुत बचपना है।

एक फिल्म पुरानी अनन्या ने अपनी दूसरी फिल्म के साथ 'वो' जैसा किरदार भी जी लिया है। वेबदुनिया से आगे बातें करते हुए अनन्या बोली कि कोई फर्क नहीं पड़ता कि फिल्म में मेरे साथ और भी लोग हैं। मेरी पहली फिल्म में भी मैंने दूसरी हिरोइन के साथ काम किया है। ये तो मेरे लिए बहुत फख्र की बात है कि मैं भूमि पेड़नेकर जैसी कलाकार के साथ एक ही फ्रेम में दिखने वाली हूं।

वो तो मुझे बहुत इंस्पायर करती हैं। वर्ना अपनी पहली ही फिल्म में कोई भी हिरोइन कैसे अपनी इतना वज़न बढ़ा सकती है। मेरा तो मानना है कि अगर आप अपना किरदार सही तरीके से निभा लो तो फिर आपका रोल आधे घंटे का हो या दस मिनिट का कोई बात नहीं। लोग आपके काम को याद रखते हैं।

आपने पिछली बार जब इंटरव्यू दिया था तो कहा था कि आपको खास पसंद आते हैं। जब फिल्म की तो कैसा रहा ये पूरा सफर आपके लिए?
सच में... ऐसा कहा मैंने... हां, मुझे कार्तिक बहुत पसंद हैं। वो मुझे सेट पर बहुत हंसाते रहते हैं। वो मेरे बहुत अच्छे दोस्त भी बन गए हैं। मुझे अच्छा लगता है कि उनके साथ समय बिताना। हमारी अपने को-एक्टर के साथ दोस्ती होने से ऑन स्क्रीन बहुत अच्छे लगते हैं। पर्दे पर हम लोगों की कैमेस्ट्री अच्छी बनती है। मुझे कई बार अफवाहों का सामना करना पड़ा है लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अब लोग हमारे बारे में कुछ कहने लगे हैं तो क्या मैं कार्तिक के साथ बाहर ना मिलूं या कॉफी पीने ना जाऊं। मैं ऐसा नहीं कर सकती। वो मेरे सहकलाकार हैं मेरे दोस्त हैं।
आपके लिए कॉम्पीटीशन का क्या महत्व है?

मैं हेल्दी कॉम्पीटीशन में यकीन करती हूं। मैं सोचती हूं कि मेरे साथ की जितनी हिरोइन हैं वो मुझे कुछ ना कुछ सिखा रही हैं। अपनी पहली फिल्म केदारनाथ में बिल्कुल ही रोमांटिक फिल्म का हिस्सा बनीं वो मुझे अच्छा लगता है।
तारा सुतारिया मेरे साथ स्टूडेंट ऑफ द इयर मे थीं वो अगली फिल्म मरजावां में मूक लड़की का किरदार निभा चुकी हैं मुझे मौका मिले तो मैं भी कुछ चैलेंजिंग करना चाहूंगी। जाह्नवी आने वाले दिनों में तख्त कर रही हैं वो कितनी बड़ी फिल्म है। मेरा कॉम्पीटीशन सबसे ही है। लेकिन ये इंडस्ट्री इतनी बड़ी है कि इसमें सब लोग अपना-अपना काम कर सकते हैं।

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