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महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव से करें विशेष प्रार्थना, शिव जी पूजन नहीं मन देखते हैं

सोमवार,फ़रवरी 17, 2020
maha shivratri 2020
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शिवरात्रि पर्व पर अलग-अलग राशि के लोगों के लिए विशेष पूजन के प्रकार का प्रावधान है। भगवान शिव यूं तो मात्र जल और बिल्वपत्र से प्रसन्न हो जाते हैं लेकिन उनका पूजन अगर अपनी राशि के अनुसार किया जाए तो अतिशीघ्र फल की प्राप्ति होती है।
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महाशिवरात्रि शिव जी को अत्यंत प्रिय है। आइए जानते हैं किस प्रकार की मनोकामना के लिए शिव शंकर का किस द्रव्य से पूजन करना चाहिए। सभी अभिषेक द्रव्य का फल अलग-अलग है।
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महाशिवरात्रि पर भक्त गण क्या-क्या नहीं करते भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए... पुराणों में वर्णित है कि अलग-अलग सामग्री से तैयार शिवलिंग प्रतिमा से अलग-अलग मनोकामना की पूर्ति होती है।
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19 फरवरी 2020, फाल्गुन कृष्ण एकादशी के दिन विजया एकादशी मनाई जा रही है। इस दिन व्रत-उपवास रखकर और रात्रि जागरण करके श्रीहरि विष्णुजी का पूजन-अर्चन तथा ध्यान करना चाहिए। यह विजया एकादशी 10 दिशाओं से विजय दिलाती है...आइए पढ़ें एकादशी का महात्म्य, पूजा ...
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सुप्रसिद्ध उक्ति है- 'पहला सुख निरोगी काया...' अर्थात स्वस्थ रहना, निरोगी रहना पहला सुख माना गया है। लेकिन कभी-कभी जन्म पत्रिका में ऐसी ग्रह स्थिति का निर्माण हो जाता है कि जातक निरोगी नहीं रह पाता व सदैव रोगग्रस्त रहता है।
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महाशिवरात्रि का दिन ऐसा होता है जब प्रकृति व्यक्ति को उसके आध्यात्मिक शिखर की ओर ढकेल रही होती है। इसका उपयोग करने के लिए इस परंपरा में हमने एक खास त्योहार बनाया है जो पूरी रात मनाया जाता है। पूरी रात मनाए जाने वाले इस त्योहार का मूल मकसद यह निश्चित ...
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साल में 12 अमावस्या होती हैं। इस दिन 108 बार तुलसी की परिक्रमा करने से मन को शांति की अनुभूति होती है। जो लोग आध्यात्मिक मार्ग पर बढ़ना चाहते हैं उनके लिए भी यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। आइए जानें साल भर की 12 अमावस कब कब आ रही हैं...
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कभी आपने सोचा कि शिव प्रतीकों के पीछे का रहस्य क्या है? शिव की वेशभूषा ऐसी है कि प्रत्येक धर्म के लोग उनमें अपने प्रतीक ढूंढ सकते हैं। आओ जानते हैं शिव प्रतीकों के रहस्य...
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ग्यारस अर्थात ग्यारह तिथि को एकादशी और तेरस या त्रयोदशी तिथि को प्रदोष कहा जाता है। प्रत्येक शुक्ल और कृष्ण पक्ष में यह दोनों ही तिथियां दो बार आती है। हिन्दू धर्म में एकादशी को विष्णु से तो प्रदोष को शिव से जोड़ा गया है।
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क्या आपका जन्म महाशिवरात्रि के दिन हुआ है? महाशिवरात्रि को जन्म लेने वाले बच्चे बहुत ही दयालु और दानी होते हैं। यह बच्चे जीवन में खूब यश और प्रतिष्ठा की प्राप्ति करते हैं।
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कहते हैं कि नास्त्रेदमस ने हिन्दू धर्म के उत्‍थान और एक महान नेता के उदय की भविष्यवाणी की है। उपरोक्त भविष्यवाणियों को कई लोगों से जोड़कर देखा जाता है लेकिन यदि गहराई से देखें तो यह भविष्यवाणी अभी तक पूरी नहीं हुई है। हमने उक्त भविष्यवाणियों के ...
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किसी खास मनोरथ की पूर्ति के लिए तदनुसार पूजन सामग्री तथा विधि से रुद्राभिषेक की जाती है। रुद्राभिषेक के विभिन्न पूजन के लाभ इस प्रकार हैं-
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रुद्र अर्थात भूतभावन भगवान शिव का अभिषेक। शिव और रुद्र परस्पर एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। शिव को ही रुद्र कहा जाता है, क्योंकि रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र: यानी कि भोले सभी दु:खों को नष्ट कर देते हैं।
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इस वर्ष 2020 में महाशिवरात्रि का पवित्र पर्व 21 फरवरी को आ रहा है। भगवान भोलेनाथ शिव शंकर को प्रसन्न करने का यह शुभ दिन सभी हिन्दू भक्तों के लिए विशेष होता है।
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23 फरवरी 2020 रविवार, को फाल्गुन अमावस्या है। इस अमावस्या का शास्त्रों में अत्यधिक महत्व बताया गया है। हिन्दू धर्म-संस्कृति में आस्था रखने वालों के लिए वैसे तो प्रत्येक मास की
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व्रत कथा का वाचन करें। मृग व शिकारी की कथा और शिव लिंग के प्रकट होने की कथा तथा शिव पुराण में और भी कथाएं उपलव्ध हैं। वेबदुनिया के धर्म संसार के व्रत-त्योहार के अंतर्गत महाशिवरात्रि पेज पर शिव कथाएं पढ़ीं जा सकती हैं।
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465 साल पहले फ्रांसीसी भविष्यवेत्ता नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणियों की पुस्तक सेंचुरीज में लगभग 950 भविष्यवाणी किए जाने उल्लेख मिलता है। उनकी सभी भविष्यवाणियों छंदों में है। इन छंदों का हर व्यक्ति अपने तरीके से मतलब निकालता है। हालांकि उनके छंदों ...
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महाशिवरात्रि का व्रत प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि को भारत सहित विश्व के कई हिस्सों में ईश्वर की सत्ता में विश्वास रखने वाले भक्तों द्वारा बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाएगा।
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प्रत्येक ग्रह और राशियों के अपने वृक्ष होते हैं। उसी तरह प्रत्येक नक्षत्र के भी अपने वृक्ष होते हैं। अपने वृक्ष होने का अर्थ है कि ऐसे वृक्ष जिन पर उक्त ग्रहों का प्रभाव रहता है या जो उक्त ग्रह या नक्षत्रों के प्रतिनिधि होते हैं। यह भी कह सकते हैं ...
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