चेखव का पत्र लीडिया के नाम

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यद्यपि दिल का दौरा मुझे नहीं पड़ा है। यह एक घृणास्पद अनुभूति है। मैंने अपना फॉक्स कोट बीस रूबल में बेच डाला, यद्यपि वह साठ रूबल में बना था, लेकिन चालीस रूबल की कीमत का रोयां तो पहले ही झड चुका था, और बीस रूबल कोई बुरे नहीं रहे। झरबेरी अभी पकी नहीं है, पर मौसम गर्म और चमकदार है। पेड़ खूब जवानी पर है। समुद्र का दृश्य बहुत प्यारा लगता है और स्त्रियाँ प्यार की सिहरनों के लिए तड़पती हैं। फिर भी उत्तर का रूस दक्षिणी रूस से ज्यादा अच्छा है, खासकर बसंत ऋतु में।

दिल के दौरे के कारण एक सप्ताह से मैंने शराब नहीं पी है, और शराब न पीने के कारण स्थानीय वातावरण मुझे बहुत उदास और रूखा दिखाई ़पडता है। क्या तुम कुछ दिन हुए पेरिस में थीं? फ्रांसीसी कैसे हैं? क्या तुम उन्हें पसंद करती हो? तब तुम उन्हें स्वयं दूर करो।

मीरोब ने यहाँ एक नृत्य-नाटक किया और पूरे एक सौ पचास रूबल का लाभ उठाया। वह एक शेर की तरह दहाड़ा और उसने भारी सफलता प्राप्त की। मुझे बड़ा दुःख है कि मैंने संगीत नहीं सीखा, नहीं तो मैं भी दहाड़ सकता, क्योंकि मेरा गला रूखे स्वरों से भरा हुआ है और लोग कहते हैं कि मैं अष्टक बहुत ही बढ़िया गा सकता हूँ। तब मैं खूब पैसा कमाता और स्त्रियों में बहुत प्रसिद्ध हो जाता। मैं इस जून में पेरिस में नहीं जाना चाहता। मैं चाहता हूँ कि तुम यहाँ मिलिखोव में ही आ जाओ।
रूस की याद तुम्हें वापस ले आएगी। रूस आने से भले ही एक दिन के लिए बचने का कोई रास्ता नहीं है। तुम अक्सर पोटोपैंके से मिलती हो। इस गर्मी वह भी रूस लौट रहा है। अगर तुम उसके साथ यात्रा करो, तो खर्च कम पड़ेगा। अपना टिकट उससे खरीदवाओ और पैसा देना भूल जाओ (और ऐसा करने वाली तुम पहली स्त्री नहीं होगी)। अगर तुम वापस नहीं आओगी तो मुझे पेरिस जाना पड़ेगा, पर मुझे विश्वास है तुम आ रही हो। स्वस्थ रहो : शांत, खुश और संतुष्ट! तुम सफल होओ। तुम एक सुंदर लड़की हो।
तुम अगर पत्र डालकर मेरी आदत ही बिगाड़ना चाहो तो पत्र मिलखोव भेजो। मैं शीघ्र ही पहुँच जाऊँगा। मैं नियमित रूप से तुम्हारे पत्रों का उत्तर दूँगा। मैं तुम्हारे दोनों हाथों को चूमता हूँ।

तुम्हारा
ए.चेखव


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